पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी युवाओं को लुभाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में पार्टी ने सचिन पायलट को राज्य का प्रभारी नियुक्त किया है।
जैसे-जैसे पंजाब कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है, उसका पूरा ध्यान युवाओं पर है। सचिन पायलट को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है—इसीलिए उन्हें नया प्रभारी बनाया गया है—और उन्होंने राज्य के युवाओं को एकजुट करने और लामबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इस सिलसिले में, पायलट ने यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों और युवा नेताओं से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इसका मकसद ऐसे नेताओं की पहचान करना है जो बूथ स्तर पर सक्रिय हैं और युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। पार्टी के 50 प्रतिशत चुनावी टिकट युवा उम्मीदवारों को देने की योजना पर काम चल रहा है, साथ ही 25 सितंबर से पायलट का पंजाब दौरा भी आयोजित किया जा रहा है।
**कांग्रेस युवाओं पर क्यों ध्यान दे रही है?**
पंजाब में 18 से 29 साल की उम्र के 48.9 लाख से ज़्यादा वोटर हैं, जो कुल वोटरों का लगभग 22 प्रतिशत हैं। राज्य की कई राजनीतिक पार्टियां उनका समर्थन हासिल करने की होड़ में हैं। इसी कोशिश के तहत, सचिन पायलट ने मंगलवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में पंजाब यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभम शर्मा और अन्य नेताओं के साथ बैठक कर उनसे फीडबैक लिया।
इस बैठक का मकसद 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करना, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बेहतर करना और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना था। चुनावों से पहले 'जेन ज़ेड' (Gen Z) वोटरों से जुड़ने की कोशिश में कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
**युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर**
बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब जमीनी स्तर पर काम किया जाए। चुनावों से पहले, पंजाब कांग्रेस अपने ज़िला और बूथ-स्तरीय यूनिट्स को सक्रिय करने के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी ध्यान देगी। इसे ध्यान में रखते हुए, यूथ कांग्रेस राज्य भर में युवाओं के साथ रोज़गार, नशीली दवाओं की समस्या, शिक्षा और खेल जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी; वे न केवल जमीनी स्तर पर युवाओं से जुड़ेंगे बल्कि उनके मुद्दों को भी उठाएंगे। कांग्रेस इसी फीडबैक के आधार पर अपना घोषणापत्र तैयार करने की योजना बना रही है। ऐसा लगता है कि पार्टी इन मुद्दों को अपने चुनाव प्रचार का मुख्य हिस्सा बनाकर राज्य में सत्ताधारी सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है और पायलट इस मकसद के लिए सक्रिय हो गए हैं।