चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद हंगामा मच गया है। विपक्ष चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चेतावनी दी है कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बख्शा नहीं जाएगा।
SIR के बारे में जानकारी सामने आने के बाद से ही विपक्ष चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है। कई विपक्षी नेताओं ने इस बारे में पोस्ट किया है और अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनके काम गलत हैं।
वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "वोटों की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ़ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। BJP, RSS और EC—जिन्होंने ऐसा किया है—उन्होंने देशद्रोह का काम किया है। न्याय ज़रूर होगा।"
**आप बच नहीं पाएंगे**
वीडियो में राहुल गांधी कहते हैं, "मैं चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों से साफ़-साफ़ कह रहा हूँ: आप जो कर रहे हैं, वह गलत है। यह देशद्रोह है; यह देश के खिलाफ़ है। यह मत भूलिए कि वह समय आएगा। हम आपको पकड़ लेंगे। आप बच नहीं पाएंगे।" राहुल गांधी के अलावा, कांग्रेस के पी. चिदंबरम और पवन खेड़ा समेत कई नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है।
यह विवाद *द इंडियन एक्सप्रेस* की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई थी; हालाँकि, उनकी आपत्तियों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और फैसलों को बहुमत से वोटिंग के लिए आयोग के सामने नहीं रखा गया।
गौरतलब है कि SIR जून 2025 में शुरू किया गया था और यह मूल रूप से वोटर लिस्ट को ठीक करने की एक सामान्य प्रक्रिया थी। इस प्रक्रिया के तहत, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज़्यादा नाम हटाए गए। नतीजतन, चुनाव आयोग इस बात को लेकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है कि कौन वोट देने के योग्य है और कौन नहीं। चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दिया
चुनाव आयोग के सूत्रों ने दावा किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की मंज़ूरी से लिए गए थे।