निषाद पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले निषाद समुदाय के लिए अनुसूचित जाति (SC) आरक्षण की मांग करके एक नई बहस छेड़ दी है। आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के जरिए संजय निषाद ने अपनी पार्टी की ताकत दिखाने की कोशिश की है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, निषाद पार्टी ने आरक्षण के मुद्दे पर अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। 21 अक्टूबर को, पार्टी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें निषाद समुदाय की उप-जातियों को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में शामिल करने की मांग की जाएगी। इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी का मकसद राष्ट्रीय राजधानी में अपनी ताकत का प्रदर्शन करना है, और साथ ही उत्तर प्रदेश के जटिल राजनीतिक माहौल में अपनी स्थिति को भी साधना है।
आरक्षण की मांग लंबे समय से निषाद पार्टी के राजनीतिक एजेंडे का मुख्य हिस्सा रही है। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उठाकर, पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करना चाहती है। इसके अलावा, पार्टी इस मांग को केंद्र सरकार के ध्यान में लाना चाहती है ताकि इसके समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकें।
**गठबंधन में रहते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग**
पार्टी अध्यक्ष और मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्य रूप से आरक्षण के मुद्दे पर ही BJP के साथ गठबंधन किया था और आज भी वह इस गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस मांग का कोई न कोई समाधान जरूर निकलेगा।
वरिष्ठ पत्रकार बृजेश सिंह के अनुसार, पार्टी के रुख से पता चलता है कि वह गठबंधन तोड़े बिना ही अपने मुख्य मुद्दे पर सरकार से मनचाही कार्रवाई करवाना चाहती है। दिल्ली में होने वाला कार्यक्रम इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है; इसका मकसद पार्टी समर्थकों को एकजुट करना और केंद्र सरकार का ध्यान आरक्षण के मुद्दे की ओर खींचना है।
**निषाद उप-जातियों को SC श्रेणी में शामिल करने की मांग**
निषाद पार्टी की मुख्य मांग यह है कि सरकार निषाद समुदाय की उप-जातियों को अनुसूचित जातियों (SC) की सूची में शामिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम के ज़रिए, पार्टी का मकसद समुदाय के लोगों को एक मंच पर लाकर अपनी मांगों को फिर से दोहराना है। विधानसभा चुनावों से पहले, इस कार्यक्रम को पार्टी के सामाजिक आधार को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति
राजनीतिक नजरिए से, निषाद पार्टी का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। गठबंधन का हिस्सा बने रहते हुए भी, पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर अपनी आवाज़ और ज्यादा मजबूती से उठाना चाहती है। इस संदर्भ में, दिल्ली में किए जा रहे इस शक्ति प्रदर्शन को बीजेपी पर दबाव बनाने की एक कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है, ताकि वह इन मांगों पर ध्यान दे।