समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने दशहरा के मौके पर बधाई देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है।
पूरे देश में विजयादशमी का त्योहार बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। राजनीतिक दल भी अपने-अपने अंदाज में शुभकामनाएं दे रहे हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी का मुद्दा उठाकर भाजपा पर निशाना साधा।
अपने सोशल मीडिया हैंडल पर विजयादशमी की बधाई देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा: "प्रभु 'राम' वह हैं जो सबके भीतर बसते हैं, जो राक्षसों—यानी दान चुराने वालों—का संहार करते हैं, और जो 'अहंकारी' की नाभि में तीर मारकर एक 'समतामूलक राम-राज्य' (न्यायपूर्ण और समान राज्य) की स्थापना करते हैं।" इन पंक्तियों के जरिए उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसा है। एक समतामूलक राज्य की उनकी परिकल्पना उनके 'PDA' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर आधारित है।
**अपने खास अंदाज में निशाना**
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में सत्ताधारी भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग जारी है और दोनों पक्षों के नेता लगातार बयान दे रहे हैं। सपा प्रमुख अक्सर भाजपा से सवाल पूछने के लिए ऐसी काव्यात्मक पंक्तियों का इस्तेमाल करते हैं; आज, विजयादशमी की शुभकामनाओं के साथ उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी को लेकर सवाल उठाए—यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे सपा आने वाले चुनावों में भाजपा के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने संकेत दिया है कि वे अगले महीने 'संविधान दिवस' पर अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेंगे।
**जुबानी जंग और तेज होने के आसार**
इस बीच, लखनऊ में कुछ संगठनों ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाते हुए विवादित पोस्टर लगाए थे। ऐसी संभावना है कि विजयादशमी या आने वाले अन्य त्योहारों के मौकों का सहारा लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और तेज हो सकती है। हालांकि, इस पर अभी तक बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि जवाब जरूर आएगा। बीजेपी नेता अक्सर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा को निशाना बनाते रहते हैं।