- इंसाफ़ का एक अनोखा सफ़र: यह महिला वकील 13 सालों से अपनी कार से काम कर रही है, जिसे वह अपने चैंबर के तौर पर इस्तेमाल करती है।

इंसाफ़ का एक अनोखा सफ़र: यह महिला वकील 13 सालों से अपनी कार से काम कर रही है, जिसे वह अपने चैंबर के तौर पर इस्तेमाल करती है।

मधुबनी की एक वकील, अनीता झा, पिछले 13 सालों से अपनी कार से काम कर रही हैं और महिला वकीलों के लिए अलग सुविधाओं की मांग कर रही हैं। उन्होंने एक सीनियर वकील पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया है।

बिहार के मधुबनी जिला कोर्ट की पार्किंग में खड़ी एक पुरानी कार आजकल चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह कार 57 साल की सिविल कोर्ट की वकील अनीता झा के लिए 'न्याय का रथ' है। पिछले 13 सालों से अनीता इस कार की पिछली सीट पर बैठकर केस की तैयारी करती हैं और अपने क्लाइंट्स को कानूनी सलाह देती हैं। हालांकि, यह मामला अब सिर्फ सुविधाओं की कमी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक गंभीर विवाद बन गया है।

अनीता झा ने बताया कि वह 2012 से महिला वकीलों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की मांग कर रही हैं। सुविधाओं की कमी के कारण उन्होंने अपनी कार को ही अपना चैंबर बना लिया। अनीता का आरोप है कि कोर्ट परिसर में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में सीनियर वकील संजय सिंह ने भरी कोर्ट में उनके खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार झा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने अनीता को कोर्ट परिसर से रोते हुए बाहर निकलते देखा था।

बार एसोसिएशन का जवाब: 'खबर एकतरफा है'
मामला तब और बढ़ गया जब जिला बार एसोसिएशन के सचिव शिवनाथ चौधरी ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने एकतरफा रिपोर्टिंग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि महिला वकीलों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था पहले से ही है। सचिव के अनुसार, अनीता झा की सीट अभी भी उनके सीनियर, स्वर्गीय हीरा बाबू की जूनियर के तौर पर आरक्षित है। एसोसिएशन के पास हर वकील को अलग चैंबर देने के लिए पर्याप्त फंड नहीं है। अगर अनीता अपने खर्च पर चैंबर बनाना चाहती हैं, तो एसोसिएशन को कोई आपत्ति नहीं है।

अध्यक्ष और आरोपी पक्ष का स्पष्टीकरण
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव झा ने सचिव के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि कई सीनियर वकील 50-60 साल की प्रैक्टिस के बाद भी बिना चैंबर के काम कर रहे हैं। बदसलूकी के आरोपों के बारे में उन्होंने कहा कि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इस बीच, आरोपी वकील संजय सिंह ने सभी आरोपों से पूरी तरह इनकार करते हुए कहा, "अनीता झा जो कह रही हैं वह पूरी तरह झूठ है। उनका स्वभाव झगड़ालू है, और कोर्ट का कोई भी वकील इस बात की पुष्टि कर सकता है।


" सिस्टम पर सवाल उठाए गए
अनीता झा कहती हैं कि लोग ड्यूटी की बात करते हैं, लेकिन जब कोई महिला वकील अपने अधिकारों की मांग करती है, तो उसे दबा दिया जाता है। दूसरी ओर, बार एसोसिएशन का मानना ​​है कि यह अनुशासन और पर्सनल कंडक्ट का मामला है। फिलहाल, यह विवाद मधुबनी जिला कोर्ट के गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, और स्थानीय वकीलों के बीच साफ बंटवारा दिख रहा है।

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