केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास को लेकर एक अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि भारत, AI एप्लिकेशन के लिए एक वैश्विक केंद्र (ग्लोबल हब) बनने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि देश का लक्ष्य दुनिया की "AI एप्लिकेशन राजधानी" (AI एप्लिकेशन कैपिटल) बनना है। उन्होंने 'सेमीकॉन 2.0' (Semicon 2.0) वेब एप्लिकेशन पोर्टल के लॉन्च के दौरान मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
वैष्णव ने कहा कि वैश्विक AI उद्योग में इस समय बड़े बदलाव और तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं। जैसे-जैसे यह तकनीक विकसित हो रही है, आगे और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
**लक्ष्य-आधारित विकास के जरिए बदलाव लाना**
इसके अलावा, उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार भारत को वैश्विक "एप्लिकेशन राजधानी" बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्य फोकस विभिन्न उद्योगों में AI मॉडल को लागू करने पर है—खासकर कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाने के लिए। उन्होंने बताया कि घरेलू उद्योग इन एप्लिकेशनों पर काफी जोर दे रहा है और इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
'सेमीकॉन 2.0' वेब एप्लिकेशन पोर्टल के लॉन्च के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर केवल पूरी तरह से तैयार (कम्प्लीटेड) एप्लिकेशन ही स्वीकार किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सेमीकंडक्टर उद्योग में केवल गंभीर कंपनियां ही हिस्सा लें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि "गैर-गंभीर" आवेदकों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। साथ ही, एक स्वदेशी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) चिप विकसित करने के लिए रोडमैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वैष्णव ने बताया कि सरकार अपने सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे, तीसरे और चौथे स्तंभ (पिलर्स) के तहत आवेदन स्वीकार करना शुरू करेगी। यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।