मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से लिथियम-आयन सेल निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। तीन कंपनियों से जुड़े इस निवेश से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' के पहले दिन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने IT/टेक क्षेत्र के निवेशकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इसी क्रम में, 'धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स' के डी.एस.एन. मूर्ति ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और राज्य में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान, श्री मूर्ति ने मध्य प्रदेश के हेल्थ-टेक (स्वास्थ्य-तकनीक) क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य के लगभग 500 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण और राज्यव्यापी विस्तार
राज्य के लिए अपनी कार्ययोजना साझा करते हुए, कंपनी ने 'मोबाइल मेडिकल यूनिट्स' (MMUs) और टेलीमेडिसिन सेवाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की इच्छा जताई। इस पहल के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और अस्पतालों के कामकाज को एक आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जा सकता है।
कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ एक रणनीतिक साझेदारी का प्रस्ताव दिया है, जिसमें शुरुआती चरण के लिए कुछ जिलों का चयन (पायलट जिलों के रूप में) करना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से आदिवासी, वनों से सटे और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में परिणाम-आधारित स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम चलाना है, ताकि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं सबसे वंचित और सुदूर इलाकों तक पहुंच सकें।
हैदराबाद स्थित 'धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स' डिजिटल स्वास्थ्य समाधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक प्रमुख संस्था है। कंपनी मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के संचालन, अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कुशल प्रबंधन, स्वास्थ्य जांच और टेलीमेडिसिन सेवाओं को लागू करने में विशेषज्ञ है। इसके अलावा, कंपनी 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' के अनुरूप उन्नत डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म विकसित करने का काम कर रही है और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही है। सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन
कंपनी के निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में उद्योगों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डी.एस.एन. मूर्ति को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
शुक्रवार को, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित दो दिवसीय 'मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' में हिस्सा लिया। समिट के पहले दिन, मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
समिट के दौरान, 'बियॉन्ड स्टूडियोज' (Beyond Studios) के संस्थापक और सीईओ भरत भूषण (सेबेस्टियन नूह एकोस्टा जूनियर) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में कंपनी ने मध्य प्रदेश में 110 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा, जिससे राज्य के लगभग 6,000 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने उन्हें जनवरी 2027 में होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया।
'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना
बैठक के दौरान, भूषण ने बताया कि 'बियॉन्ड स्टूडियोज' मध्य प्रदेश में एक अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करना चाहता है। यह केंद्र एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) पर केंद्रित होगा। इस पहल के माध्यम से, स्थानीय कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे उद्योग के लिए तैयार हो सकेंगे। 2016 में स्थापित, हैदराबाद स्थित 'बियॉन्ड स्टूडियोज' एक प्रतिष्ठित फिल्म प्रोडक्शन और क्रिएटिव सर्विसेज स्टूडियो है। यह स्टूडियो VFX, 2D/3D एनीमेशन, प्री-विज़ुअलाइज़ेशन, एडिटिंग, डबिंग, साउंड डिज़ाइन और मार्केटिंग जैसी सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी ने कई प्रमुख भारतीय फिल्म प्रोजेक्ट्स में बेहतरीन काम किया है। कंपनी ने राज्य की AVGC-XR (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) नीति के तहत फिल्म, VFX, एनिमेशन और इमर्सिव-कंटेंट प्रोडक्शन के लिए प्रोत्साहन (इंसेंटिव) की मांग की है। साथ ही, उन्होंने उपयुक्त जगह और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। इसके अलावा, 'बियॉन्ड स्टूडियोज' ने मध्य प्रदेश में पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल कंटेंट पार्टनरशिप में रुचि दिखाई है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के बारे में बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मध्य प्रदेश में निवेश और तकनीकी नवाचार (टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन) को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहायता और जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक के दौरान ही, 'उना इकोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड' ने भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर-2 (EMC-2) में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना...
इससे राज्य में 2,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिनमें 500 से ज्यादा प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) रोजगार शामिल होंगे।
अहमदाबाद स्थित 'उना इकोसिस्टम्स' (जापान से शुरू हुआ एक उद्यम) इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा, औद्योगिक उपकरणों और OEM एप्लिकेशंस के लिए सुरक्षित और तेजी से चार्ज होने वाले लिथियम-आयन सेल और बैटरी समाधान विकसित करता है। फिलहाल, मध्य प्रदेश में इस कंपनी की कोई मौजूदगी नहीं है। कंपनी भोपाल के EMC-2 में एक नई (ग्रीनफील्ड) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है, जहाँ अत्याधुनिक 'हाई-LMO' (High-LMO) तकनीक पर आधारित अगली पीढ़ी के लिथियम-आयन सेल बनाए जाएंगे।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उद्योगों को जरूरी संसाधन और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से मध्य प्रदेश में 'इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग' (ESDM) क्षेत्र का विस्तार होगा, जिससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।