महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने मांग की है कि नासिक में होने वाले आगामी कुंभ मेले में गैर-हिंदुओं को व्यापार करने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे आयोजन में दूसरे धर्मों के लोगों की क्या भूमिका है?
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने मांग की है कि नासिक में होने वाले आगामी कुंभ मेले में गैर-हिंदुओं को व्यापार करने से रोका जाए। इसके अलावा, उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि वे दिवाली के त्योहार के दौरान केवल अन्य हिंदुओं से ही सामान खरीदें। राणे ने कहा कि चूंकि भारत की 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है, इसलिए कुंभ मेले और दिवाली जैसे हिंदू त्योहारों के दौरान हिंदुओं की भागीदारी और उनके व्यापार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
'मेले में दूसरे धर्मों के लोगों का क्या काम?'
नितेश राणे ने कहा कि नासिक में होने वाला कुंभ मेला हिंदू आस्था का एक बड़ा उत्सव है। इस संदर्भ में, उन्होंने सवाल किया कि हिंदुओं के अलावा दूसरे धर्मों के लोगों की इस आयोजन में क्या भूमिका है? उन्होंने आगे पूछा: जब उलेमा या अलग-अलग धर्मों के अन्य धार्मिक संगठनों द्वारा कोई आयोजन किया जाता है, तो क्या वहां हिंदुओं को दुकानें लगाने की अनुमति दी जाती है?
मंत्री ने जोर देकर कहा कि कुंभ मेले में केवल हिंदुओं की दुकानें होनी चाहिए, और वहां केवल उन्हीं लोगों को जगह मिलनी चाहिए जो भगवा परंपरा को मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर उनका रुख स्पष्ट है और आगामी दिवाली त्योहार के दौरान भी यही रुख बना रहेगा। दिवाली की खरीदारी के बारे में राणे ने कहा कि चूंकि यह हिंदुओं का त्योहार है जिसे हिंदू मनाते हैं, इसलिए इस दौरान केवल हिंदुओं की दुकानें ही हों, इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
'क्या मोहम्मद अली रोड पर किसी हिंदू को दुकान लगाने की अनुमति मिलेगी?'
रमजान के महीने का उदाहरण देते हुए उन्होंने पूछा कि क्या मोहम्मद अली रोड पर किसी हिंदू को दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी? राणे ने कहा कि उस संदर्भ में कभी ऐसे सवाल नहीं उठाए जाते। उन्होंने फिर दोहराया कि दिवाली और कुंभ मेले जैसे हिंदू त्योहारों के दौरान हिंदुओं के व्यापार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।