शशि थरूर ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं के जोश को देश की तरक्की के लिए एक बड़ी ताकत बताया और नई पीढ़ी की आवाज़ पर ज़ोर दिया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के छात्रों पर केंद्रित कैंपेन ‘छात्रों की गूंज’ पर टिप्पणी की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्रों और युवाओं में दिख रहे जोश को देखते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसा जोश देश को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
अपनी पोस्ट में थरूर ने लिखा कि यही वह जोश है जो देशों को आगे ले जाता है। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी न सिर्फ़ अपनी आवाज़ सुनाना चाहती है, बल्कि अपना नेतृत्व भी तलाश रही है।
**युवाओं की आवाज़ पर ज़ोर**
शशि थरूर की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब राहुल गांधी अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन के तहत, राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत की है और पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की है। थरूर ने पहले भी कहा था कि राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी की बात सुननी चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं को कार्यक्रमों और रैलियों में सिर्फ़ भीड़ का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए; बल्कि उन्हें राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका दिया जाना चाहिए।
**‘छात्रों की गूंज’ पर पहले की टिप्पणियां**
अगस्त में, थरूर ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इसे छात्रों से उतना समर्थन नहीं मिला, जितना उस समय हो रहे कुछ अन्य छात्र विरोध प्रदर्शनों को मिला था। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या स्थापित राजनीतिक दल युवाओं, खासकर 'जेन ज़ेड' (Gen Z) की सोच और मुद्दों को वास्तव में समझते हैं। उस बयान के बाद, थरूर ने स्पष्ट किया था कि उनकी बातों को कांग्रेस पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमले के तौर पर पेश किया गया था। उन्होंने समझाया कि उनका ध्यान इस चुनौती पर था कि राजनीतिक दल नई पीढ़ी को राजनीतिक परिदृश्य में कैसे शामिल करें।
**युवाओं और राजनीति पर बढ़ती चर्चा**
थरूर की हालिया टिप्पणियां युवाओं के जोश को उजागर करती हैं और राजनीति में उनकी भूमिका पर ज़ोर देती हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को ऐसी पीढ़ी बताया है जो अपनी आवाज़ उठाने और अपना नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को भी इसी बड़े संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें छात्र अपनी शिक्षा, रोज़गार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर विवाद
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा 19 सितंबर, 2026 को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कई वजहों से चर्चा में रहा। कार्यक्रम से पहले, जगह और प्रशासनिक नियमों को लेकर विवाद हुआ, जबकि कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित नकल (मिमिक्री) को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके अलावा, कांग्रेस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए पुलिस द्वारा रखी गई 31 शर्तों में वर्मा आयोग—जिसने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच की थी—के ज़िक्र को शामिल करने पर भी आपत्ति जताई।
कार्यक्रम के दौरान, मंच पर एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल की। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में राहुल गांधी इस परफॉर्मेंस के दौरान हंसते हुए दिखे। वीडियो सामने आने के बाद, बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं का आरोप था कि परफॉर्मेंस में प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।