डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच, ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि अगर फिर से युद्ध छिड़ता है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।
कई महीनों के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच का विवाद पूरी तरह से सुलझा नहीं है। इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि उसने नौसैनिक टकराव की क्षमता विकसित कर ली है। उसका दावा है कि अगर दुश्मनी फिर से शुरू होती है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाज उनकी मारक क्षमता (स्ट्राइकिंग रेंज) की जद में होंगे।
हैदराबाद में ईरानी दूतावास की एक पोस्ट के अनुसार, मोहसेन रेज़ाई ने कहा, "अगर युद्ध फिर से शुरू होता है, तो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों पर हमला किया जाएगा, चाहे वे कहीं भी हों। हमने ये क्षमताएं विकसित कर ली हैं।"
**ईरानी हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति**
उन्होंने बताया कि ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति को मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दिया है। सुरक्षा परिषद के सचिव ने आगे कहा, "हमने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियां भी विकसित की हैं और अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को बढ़ाया है; हमारे पास अन्य उपाय भी हैं जिनका हम सही समय पर इस्तेमाल करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान पूरी तरह तैयार है।
**ईरानी संसद के स्पीकर का बयान**
ये टिप्पणियां ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने रविवार को कहा था कि पश्चिम एशिया में अमेरिका की पुरानी व्यवस्था ढह गई है और उन्होंने क्षेत्र के इस्लामी देशों से एक नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया। घालीबाफ ने बताया कि तेहरान के संदेश और शर्तें बिचौलियों के माध्यम से अमेरिका तक स्पष्ट रूप से पहुंचा दी गई थीं।
**होर्मुज कब खुलेगा?**
उन्होंने जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं दी जाती और अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता। इस बीच, फॉक्स न्यूज ने खबर दी है कि ट्रंप ईरान के संबंध में कोई फैसला लेने वाले हैं। खबरों के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि बहुत जल्द बड़ी घटनाएं होने वाली हैं।