हिंगोली में किसानों ने कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे को काजू और बादाम भेंट करके अनोखे तरीके से विरोध जताया। उन्होंने मंत्री से कहा, "काजू और बादाम तो खाइए, लेकिन ज़िले को सूखाग्रस्त घोषित कीजिए।"
महाराष्ट्र के हिंगोली में, सूखा प्रभावित इलाकों का जायज़ा लेने आए राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे को किसानों ने काजू और बादाम भेंट किए। उन्होंने मंत्री से कहा, "काजू और बादाम तो खाइए, लेकिन हिंगोली ज़िले को सूखाग्रस्त घोषित कीजिए।" किसानों के इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
**किसानों ने मंत्री के सामने नाराज़गी ज़ाहिर की**
यह विरोध उन वीडियोज़ की वजह से शुरू हुआ जिनमें नांदेड़ में सूखे की समीक्षा बैठक के दौरान काजू, बादाम और अन्य सूखे मेवे परोसे जाते हुए दिखाए गए थे। किसानों ने इस बात पर कृषि मंत्री के सामने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने बताया कि बारिश न होने से उनकी फ़सलें बर्बाद हो गई हैं और मांग की कि ज़िले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और किसानों को मुआवज़ा दिया जाए।
**हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग**
हिंगोली में सूखे से फ़सल को हुए नुकसान का ज़िक्र करते हुए, किसानों ने मांग की कि ज़िले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और किसान समुदाय को राहत दी जाए। उन्होंने कृषि मंत्री के सामने शक्तिपीठ हाईवे प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग भी रखी। काजू और बादाम भेंट करके किसानों ने अनोखे अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया। हिंगोली को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग अब और तेज़ हो गई है
**सरकारी बैठक में सूखे मेवे परोसे जाने पर विवाद**
शनिवार को महाराष्ट्र में उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब नांदेड़ में सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई सरकारी बैठक में सूखे मेवे परोसे गए। विपक्ष ने इस कदम की आलोचना की और बाद में एक किसान ने कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे को काजू और बादाम भेंट करके अनोखे तरीके से विरोध जताया। यह विवाद नांदेड़ ज़िला कलेक्ट्रेट में हुई बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ; वीडियो में मंत्री, एक सांसद और एक विधायक सूखे की स्थिति पर चर्चा करते हुए काजू और बादाम जैसे स्नैक्स खाते हुए दिखाई दिए। बैठक में ज़िले के प्रभारी मंत्री अतुल सावे, मंत्री मेघना बोरदिकर, नांदेड़ से कांग्रेस सांसद रवींद्र चव्हाण, परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव, राज्यसभा सांसद रामराव वडकुटे, हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, जालना से सांसद कल्याण काले और तीन ज़िलों के विधायक मौजूद थे। बीजेपी सांसद अशोक चव्हाण वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए। इस वीडियो को लेकर किसानों और विपक्ष के नेताओं ने सरकार की आलोचना की और सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। बाद में अधिकारियों ने बैठक स्थल से प्लेटें हटा दीं।
**मीडिया के सवालों पर भड़के जाधव**
बैठक के बाद, जब जाधव से परोसे गए काजू और बादाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, "आप 50 से 100 रुपये के बादाम को इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना रहे हैं? क्या सूखे के दौरान कोई कुछ नहीं खाता? अगर किसी ने काजू और बादाम खा लिए तो इसमें क्या बड़ी बात है?" जब पत्रकारों ने विपक्ष की आलोचना के बारे में पूछा, तो जाधव ने कहा, "आखिरकार, मैं भी इंसान हूँ। आप बेवकूफी भरे, बचकाने सवाल पूछ रहे हैं। उन्हें मेरी आलोचना करने दें। मैं उस आलोचना को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ, इसलिए इसकी चिंता न करें। हर सांसद और विधायक के सामने काजू और बादाम रखे गए थे, तो अगर किसी ने उन्हें खा लिया तो इसमें क्या बड़ी बात है?"