पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया गया है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने रविवार को अलीमा खान को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई उनके भाई की पार्टी द्वारा अगले हफ़्ते होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले की गई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें लाहौर में हिरासत में लिया गया और कोट लखपत जेल भेज दिया गया। वह इमरान खान की रिहाई की वकालत करती रही हैं, जो 2023 से जेल में बंद हैं।
**इस कानून के तहत गिरफ्तारी**
अलीमा को 'पंजाब मेंटेनेंस ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960' के तहत हिरासत में लिया गया है। यह कानून स्थानीय पुलिस को किसी भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देता है जिसे सार्वजनिक शांति के लिए खतरा माना जाता है।
**30 दिनों के लिए हिरासत**
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर मुहम्मद अली एजाज ने 30 दिनों की अवधि के लिए हिरासत का आदेश जारी किया। अलीमा को इमरान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा 27 सितंबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया।
यह कार्रवाई इमरान खान की PTI पार्टी द्वारा आयोजित एक नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले की गई है, जिसका मकसद सरकार पर दबाव बनाना है ताकि पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को जेल से रिहा किया जा सके।
**घर से निकलते समय हिरासत में लिया गया**
PTI संस्थापक की एक और बहन, नूरीन नियाज़ी ने स्थानीय मीडिया संस्थान जियो न्यूज़ को बताया कि उन्हें अलीमा को कोट लखपत जेल ले जाए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि अलीमा को उनके घर से निकलते समय हिरासत में लिया गया। नूरीन ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे महिलाओं को भी गिरफ्तार करने पर इतना क्यों तुले हुए हैं।"
**पार्टी नेता ने इस कदम की निंदा की**
केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने गिरफ्तारी की निंदा की और मांग की कि अलीमा को तुरंत अदालत में पेश किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अकरम ने कहा, "एक बहन को अपने भाई के लिए आवाज़ उठाने की सज़ा दी जा रही है।"
**हाई कोर्ट में चुनौती**
'पंजाब मेंटेनेंस ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस' के तहत हिरासत में लिए गए लोग इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं और इसके खिलाफ प्रांतीय सरकार को अपना पक्ष भी रख सकते हैं। अविश्वास प्रस्ताव के बाद अप्रैल 2022 में इमरान खान को सत्ता से हटा दिया गया था। उन पर कई कानूनी मामले चल रहे हैं।