लोकसभा में टैक्स छूट देने वाला एक बिल पास किया गया है। इससे विदेशी निवेशकों को काफी फायदा होगा और सरकारी बॉन्ड में निवेश बढ़ेगा।
भारत सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से लोकसभा में एक बिल पास किया है। इस कदम से विदेशी निवेशकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है, जिससे वे भारत में अपना निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल' का मकसद विदेशी निवेशकों को भारतीय सरकारी बॉन्ड की ओर आकर्षित करना और देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाना है।
बिल का सदन के दूसरे पक्ष ने विरोध किया, लेकिन आखिरकार इसे ध्वनि मत से पास कर दिया गया। यह 5 जून को जारी अध्यादेश की जगह लेगा।
**बिल में क्या है?**
इस बिल के तहत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) को सरकारी बॉन्ड में निवेश से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन्स पर टैक्स से छूट दी जाएगी। इस उपाय से भारतीय सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए और आकर्षक हो जाएंगे।
**सरकार ने क्या कहा?**
सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत में और अधिक विदेशी निवेश आएगा। इससे सरकार को कम लागत पर फंड उधार लेने में मदद मिलेगी, रुपये पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार ने हाल की वैश्विक आर्थिक स्थितियों और बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम उठाया है।
**बिल में और क्या है?**
विदेशी निवेश को और बढ़ाने के लिए बिल में सरकारी बॉन्ड के अलावा भी कई बदलाव किए गए हैं। भारत को फंड मैनेजमेंट के लिए एक बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने में मदद करने के लिए ऑफशोर निवेश फंड से जुड़े टैक्स नियमों को आसान बनाया गया है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और हीरा उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए टैक्स में राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, कारोबार करना आसान होगा और भारत में लंबे समय के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।