मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिस पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने तंज कसा है।
मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में भारत की जनसंख्या 1.4 अरब थी और 2050 तक इसके 1.7 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2047 तक एक 'विकसित भारत' में कोई भी भूखा नहीं रहेगा। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस दावे पर कटाक्ष किया है।
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में दीपके ने पूछा, "क्या 2047 से पहले कुछ भी ऐसा होगा जो किया जाएगा?" रिपोर्ट के अनुसार, इतनी बड़ी आबादी का पेट भरने के लिए भारत को अपने खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि करनी होगी। अनुमान बताते हैं कि अगर मौजूदा रुझान जारी रहे, तो 2047-48 तक देश में पौष्टिक अनाज, मक्का, दालों, फलों, खाद्य तेलों और दूध की आपूर्ति मांग से कम रह जाएगी।
खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि
KPMG की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2047-48 तक देश में खाद्यान्न उत्पादन 457 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि मांग 402 मिलियन टन रहने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय का अनुमान है कि 2025-26 के लिए खाद्यान्न उत्पादन 376.56 मिलियन टन होगा। 2047-48 तक, अनाज का उत्पादन 409 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि मांग 353 मिलियन टन रहने का अनुमान है। दोनों ही मामलों में, खाद्यान्न और अनाज का उत्पादन मांग से अधिक रहने की उम्मीद है।
सब्जियों की कोई कमी नहीं
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 20 वर्षों में देश में चावल का उत्पादन 154 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा, जबकि इसकी मांग 114 मिलियन टन होगी। गेहूं का उत्पादन 160 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि इसकी मांग 119 मिलियन टन होगी। 2047-48 तक सब्जियों का उत्पादन 367 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि इनकी मांग 365 मिलियन टन होगी; यानी सब्जियां के मामले में भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर होगा।
पोषक अनाजों की कमी
केपीएमजी (KPMG) की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत के कई क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर होगा। पोषक अनाजों, मक्का, दालों, फलों, खाद्य तेलों और दूध की कमी होगी—इनकी मांग इनके उत्पादन से दोगुनी से भी अधिक होने का अनुमान है।