उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनावों से पहले, मिर्जापुर की राजनीतिक तस्वीर एक नया मोड़ लेती दिख रही है। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी (DM) रहीं दिव्या मित्तल, मिर्जापुर सदर विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने जा रही हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की पूर्व अधिकारी की यह अहम घोषणा, अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल आज अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा करेंगी, जिसका नाम 'जनता शक्ति पार्टी' होगा।
दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की योजना बना रही हैं। वह दोपहर 1:00 बजे अपनी पार्टी के गठन और अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत के बारे में आधिकारिक घोषणा करेंगी। गौरतलब है कि मित्तल पहले मिर्जापुर की DM भी रह चुकी हैं।
मिर्जापुर को अनुप्रिया पटेल का गढ़ माना जाता है, जो वर्तमान में इस लोकसभा क्षेत्र से सांसद (MP) हैं। माना जा रहा है कि 2027 के चुनावी मैदान में उतरकर, मित्तल न केवल अनुप्रिया पटेल को कड़ी चुनौती देना चाहती हैं, बल्कि अगर 2027 के नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहते हैं, तो वह 2029 के लोकसभा चुनाव में भी इसी क्षेत्र से अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही वह अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतर रही हैं, लेकिन अगर 2027 के नतीजे अनुप्रिया पटेल और उनकी पार्टी के लिए थोड़े भी प्रतिकूल रहते हैं, तो अन्य राजनीतिक दल—खासकर समाजवादी पार्टी (SP)—उन्हें अपने साथ शामिल करने के लिए तैयार हो सकते हैं।
मिर्जापुर सदर में अभी की राजनीतिक स्थिति क्या है?
मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट की बात करें तो, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रत्नाकर मिश्रा 2017 और 2022, दोनों चुनावों में इस सीट से चुने गए थे।
वहीं, अनुप्रिया पटेल लगातार तीन बार से मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र की सांसद हैं। उनकी पार्टी पारंपरिक रूप से मिर्जापुर क्षेत्र की छानबे विधानसभा सीट से चुनाव लड़ती रही है। 2017 और 2022 में अपना दल (एस) से राहुल प्रकाश कोल चुने गए थे। हालांकि, कोल के निधन के बाद, उनकी पत्नी रिंकी ने अपना दल के टिकट पर उपचुनाव जीता।