- क्या रविशंकर प्रसाद का 'कुत्ता-बिल्ली' वाला बयान फ़र्ज़ी था? बांकीपुर में हार की एक बड़ी वजह यही बयान बना।

बांकीपुर में बीजेपी को अपनी ही पार्टी के एक नेता की 'कुत्ते-बिल्ली' वाली टिप्पणी का खामियाजा भुगतना पड़ा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या बीजेपी ने वाकई ऐसा बयान दिया था?

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे सोमवार (2 अगस्त) को घोषित किए गए। इस मुकाबले में जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर विजयी रहे और उन्होंने बीजेपी के तीन दशक लंबे दबदबे को खत्म कर दिया। इस जीत के साथ ही किशोर ने भारतीय जनता पार्टी को करारा झटका दिया है।

बांकीपुर में बीजेपी की हार को लेकर अब कई सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोगों का मानना ​​है कि पार्टी को बीजेपी नेता की 'कुत्ते-बिल्ली' वाली टिप्पणी के कारण नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन क्या वाकई ऐसा बयान दिया गया था? आइए, इसके पीछे की सच्चाई जानते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव प्रचार के दौरान, प्रशांत किशोर ने कहा था कि बीजेपी नेताओं ने दावा किया था, "अगर किसी कुत्ते या बिल्ली को भी उम्मीदवार बनाया जाए, तो वह बांकीपुर से जीत जाएगा।" आरोप लगाया गया था कि यह बयान बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने दिया था।

हालांकि, सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो खूब वायरल हुआ और चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को काफी उछाला गया; कई लोगों का मानना ​​है कि इसी खास टिप्पणी के कारण बांकीपुर में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

तो, इस बयान के पीछे की सच्चाई क्या है?
असल में, सोशल मीडिया पर वायरल होने से पहले वीडियो को एडिट किया गया था। वीडियो में रविशंकर प्रसाद को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "अगर हम किसी कुत्ते या बिल्ली को भी मैदान में उतारते हैं, तो भी हम उसे जितवा लेंगे।" हालांकि, रविशंकर प्रसाद ने इस बयान को पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने हर एक कार्यकर्ता का सम्मान करती है।

प्रशांत किशोर ने इस बयान को मुद्दा बनाया और हर जनसभा में इसका इस्तेमाल किया। इससे जनता नाराज हो गई और बांकीपुर के मतदाताओं ने इस टिप्पणी पर साफ तौर पर अपना गुस्सा जाहिर किया। माना जाता है कि इसका सीधा असर बीजेपी के वोट शेयर पर पड़ा; इस बयान के बाद लोगों ने बीजेपी को सबक सिखाने के लिए प्रशांत किशोर के पक्ष में वोट किया।

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि "कुत्ते-बिल्ली" वाली टिप्पणी असल में किसने की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के एडिटेड होने का आरोप है। प्रशांत किशोर ने भी इस बयान के लिए जिम्मेदार बीजेपी नेता का स्पष्ट रूप से नाम नहीं लिया है। बीजेपी अब इस बात का सच पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस टिप्पणी के पीछे क्या सच्चाई है और क्या वह टिप्पणी असल में की भी गई थी या नहीं।


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