केरल बजट को लेकर शशि थरूर और पिनाराई विजयन के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। थरूर ने LDF सरकार पर कर्ज बढ़ाने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जबकि विजयन ने UDF पर कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने शनिवार (20 जून, 2026) को पिनाराई विजयन पर कड़ा हमला किया। उन्होंने केरल के हालिया बजट पर विजयन की आलोचना को पुरानी और घिसी-पिटी बातें कहकर खारिज कर दिया। यह बहस तब शुरू हुई जब पिनाराई विजयन ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार पर नेहरूवादी समाजवाद और वामपंथी विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए, थरूर ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के दस साल के कार्यकाल के दौरान जमा हुए भारी कर्ज का जिक्र किया। विजयन के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वामपंथियों के पास जवाब में देने के लिए वही पुरानी दलीलें बची हैं।
थरूर ने केरल के नए बजट के बारे में क्या लिखा?
अपनी पोस्ट में थरूर ने लिखा कि केरल के नए बजट के जवाब में वामपंथी केवल पुरानी बातें दोहरा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां LDF सरकार कल्याण, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक निवेश की बात करती है, वहीं इसकी कीमत राज्य पर ₹5.07 लाख करोड़ के भारी कर्ज के बोझ के रूप में चुकानी पड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को कर्मचारियों के वेतन और ओणम बोनस का भुगतान करने के लिए भी कर्ज लेना पड़ा। कांग्रेस सांसद ने LDF के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पिछले दशक में राज्य में कर्ज, विफलता, भ्रष्टाचार और गलत अकाउंटिंग जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। थरूर ने कहा कि जब वामपंथी बजट पर बहस करने की कोशिश करते हैं, तो लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि स्थिति पर हंसा जाए या अफसोस किया जाए।
पिनाराई विजयन ने UDF सरकार पर हमला किया
इससे पहले शुक्रवार को पिनाराई विजयन ने X पर एक पोस्ट में UDF सरकार पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि UDF वामपंथी विचारधारा और नेहरूवादी समाजवाद का समर्थन करने का दावा करके सत्ता में आई थी, फिर भी उसका पहला बजट बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है। विजयन ने कहा कि जहाँ बीजेपी पूरे देश में तेज़ी से निजीकरण को बढ़ावा दे रही है और राज्यों की भूमिका को कम कर रही है, वहीं LDF के नेतृत्व में केरल उम्मीद और प्रतिरोध का एक मज़बूत गढ़ बना हुआ है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि LDF की लगातार दो सरकारों ने यह साबित कर दिया है कि कल्याण, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ आर्थिक विकास भी संभव है।
**केरल: एक अग्रणी राज्य**
पिनाराई विजयन ने कहा कि केरल मानव संसाधन से जुड़े कई अहम पैमानों पर देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है और साथ ही आर्थिक व बुनियादी ढांचे के विकास में भी आगे बढ़ रहा है। हालाँकि, विजयन ने आरोप लगाया कि नया बजट 'केरल मॉडल' से काफ़ी अलग है। उनके अनुसार, अब जनहित के बजाय कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों, तटीय संपत्तियों, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक संपत्तियों को निजी मुनाफ़े के लिए खोला जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि योजनागत खर्च में कटौती की जा रही है और केरल के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले संस्थानों को कमज़ोर किया जा रहा है।
**विजयन के आरोप**
विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि UDF सरकार अब ऐसी नीतियां आगे बढ़ा रही है जिन्हें बीजेपी लंबे समय से लागू करना चाहती थी। उन्होंने बजट को सिर्फ़ एक वित्तीय विवरण नहीं, बल्कि केरल के प्राकृतिक संसाधनों, सार्वजनिक संस्थानों और विकास प्राथमिकताओं को कॉर्पोरेट हितों के हवाले करने का एक रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि वामपंथी दल इस बजट का विरोध करेंगे और केरल के विकास मॉडल की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।