- **महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ीं; JD(U) नेता ने FIR दर्ज कराई**

**महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ीं; JD(U) नेता ने FIR दर्ज कराई**

महिलाओं के बारे में पप्पू यादव की विवादित टिप्पणियों के बाद, JDU नेता रीना चौधरी ने FIR दर्ज कराई है। उनके माफ़ी मांगने के बावजूद, विवाद और गहरा गया है, और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें बढ़ती जा रही हैं।


एक बार फिर, बिहार की राजनीति में ज़ुबानी जंग छिड़ गई है। पप्पू यादव के विवादित बयान के बाद, अब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर कानूनी शिकंजा कसता नज़र आ रहा है। महिला आयोग द्वारा जारी नोटिस पर कार्रवाई करते हुए, JDU की प्रदेश सचिव रीना चौधरी ने शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

**रीना चौधरी ने FIR दर्ज कराई**
रीना चौधरी ने ज़ोर देकर कहा कि महिलाओं के बारे में की गई टिप्पणियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव की मां और पत्नी, दोनों ही राजनीति में सक्रिय रही हैं; ऐसे में, इस तरह का बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि यह बयान उनकी मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


रीना चौधरी ने कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं इस तरह के बयान समाज को पीछे धकेलने का ही काम करते हैं। उन्होंने मांग की कि पप्पू यादव सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें।

**टिप्पणियों पर विवाद और गहराया**
रीना चौधरी ने इस बात पर गहरी नाराज़गी जताई कि पप्पू यादव ने यह दावा किया कि 90 प्रतिशत महिला नेताओं को राजनीति में आने के लिए "बिस्तर गर्म करने" (यौन संबंध बनाने) के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने एक तीखा सवाल पूछा: अगर वाकई ऐसा है, तो बाकी के 10 प्रतिशत में कौन लोग शामिल हैं? उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पप्पू यादव को इस सवाल का जवाब भी देना होगा।

रीना चौधरी ने यह आरोप भी लगाया कि जब भी महिला आयोग कोई नोटिस जारी करता है, तो पप्पू यादव हमेशा बीमारी का बहाना बनाकर बचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे पप्पू यादव की पुरानी आदत बताया—पहले कानून को अपने हाथ में लेना, और फिर जब पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़े, तो जवाबदेही से बचने की कोशिश करना।

**महिलाओं के आंदोलन की चेतावनी**
रीना चौधरी ने ऐलान किया कि जब तक पप्पू यादव सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांग लेते, तब तक महिलाओं का आंदोलन सड़कों से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस बार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भी यह भरोसा दिलाया है कि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। **पूरी कहानी**
मंगलवार को, महिला आरक्षण बिल पर टिप्पणी करते हुए, पप्पू यादव ने कहा था कि 90 प्रतिशत महिला नेता बिना किसी समझौते के राजनीति के मैदान में कदम नहीं रख सकतीं। इस बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई। उसी दिन, महिला आयोग ने उन्हें एक नोटिस जारी कर दिया।

इस बयान के बाद, BJP नेताओं—जिनमें पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह भी शामिल हैं—ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी टिप्पणियों को अपमानजनक बताया। उन्होंने पप्पू यादव के अपने परिवार को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी टिप्पणियों से जनता में भारी आक्रोश है।




**माफ़ी मांगने के बाद भी विवाद जारी**
हालांकि पप्पू यादव ने अगले ही दिन माफ़ी मांग ली—और इस बात पर खेद जताया कि यदि उनके शब्दों से किसी महिला या लड़की की भावनाएं आहत हुई हों—लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। अब यह मामला और भी बढ़ गया है, क्योंकि JD(U) की एक महिला नेता ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी है।




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