उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है और गर्मी से बचाव के उपाय भी बताए हैं।
: भारत के कई हिस्सों में गर्मी अब खतरनाक रूप ले चुकी है। इसी बीच, मौसम विभाग ने आज (रविवार) अगले तीन दिनों के लिए 'हीटवेव' (लू) का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, लोगों को गर्मी से सावधान रहने की सलाह दी गई है। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा, जहाँ तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर जा सकता है।
**दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें**
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में लू चलने के हालात बने रहेंगे और दोपहर के समय स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से, दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे के बीच बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि इस दौरान यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो। इसके अलावा, 'हीटस्ट्रोक' (लू लगने) का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है; इसलिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
**शरीर में पानी की कमी न होने देना ज़रूरी है**
मौसम विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए कई अहम उपाय भी सुझाए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बार-बार पानी पीते रहें और यह सुनिश्चित करें कि उनके शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा, सीधे धूप के संपर्क में आने से बचना चाहिए; अगर बाहर निकलना ज़रूरी हो, तो ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। जहाँ तक हो सके, घर के अंदर ही रहें और सीधे धूप के संपर्क में कम से कम आएं।
**हीटस्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें**
इसके अलावा, अगर आपको हीटस्ट्रोक के लक्षण—जैसे कि कमज़ोरी, तेज़ बुखार, सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी या चक्कर आना—महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जाँच करवाएं। किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल न बरतें।
**पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें**
जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, बच्चे और बुज़ुर्ग—इस गर्मी के मौसम में इन सभी को सबसे ज़्यादा खतरा रहता है। ऐसे में, परिवार के इन सदस्यों का विशेष ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। इसके साथ ही, प्रशासन भी लोगों से अपील कर रहा है कि वे ज़रूरी सावधानियाँ बरतें और इस भीषण गर्मी से अपना बचाव करें, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। IMD के अनुसार, 28 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। इसके बाद, 29 और 30 अप्रैल को तापमान में धीरे-धीरे 3–5°C की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद, 1 और 2 मई को तापमान में धीरे-धीरे 2–3°C की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मध्य भारत में 27 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद, 28 से 30 अप्रैल के बीच तापमान में धीरे-धीरे 2–3°C की गिरावट संभव है। इसके अलावा, पूर्वी भारत में 27 अप्रैल से 1 मई के बीच तापमान में धीरे-धीरे 2–3°C की गिरावट देखने को मिल सकती है।