- ED ने Winzo गेमिंग ऐप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में रखे 505 करोड़ रुपये फ्रीज किए, जानें पूरा मामला

ED ने Winzo गेमिंग ऐप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में रखे 505 करोड़ रुपये फ्रीज किए, जानें पूरा मामला

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Winzo से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने कंपनी के विदेशी बैंक अकाउंट में रखे ₹505 करोड़ (लगभग $505 करोड़) को कुछ समय के लिए फ्रीज़ कर दिया है।

एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, ED ने कंपनी के विदेशी बैंक अकाउंट में रखे ₹505 करोड़ (लगभग $505 करोड़) को कुछ समय के लिए फ्रीज़ कर दिया है। आरोप है कि ऐप यूज़र्स की जानकारी के बिना BOT/AI सिस्टम के ज़रिए चल रहा था और पैसे निकालने की लिमिट तय कर रहा था। यूज़र्स को लगता था कि वे असली प्लेयर्स के साथ असली पैसे वाले गेम खेल रहे हैं, जबकि कई मामलों में, असली गेम सॉफ्टवेयर था।

ED ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Winzo से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने US और सिंगापुर में कंपनी के विदेशी बैंक अकाउंट में रखे लगभग $55.69 मिलियन (लगभग $505 करोड़) को कुछ समय के लिए अटैच या फ्रीज़ कर दिया है। यह पैसा कंपनी की विदेशी शेल कंपनियों, Winzo US Inc. और Winzo SG Pvt. Ltd. के नाम पर रखा गया था।

यह रेड नवंबर 2025 में की गई थी।

ED के मुताबिक, कंपनी के ऑफिस और डायरेक्टर के घर पर 18 नवंबर, 2025 को रेड की गई थी। इसके बाद 30 दिसंबर, 2025 को इसकी अकाउंटिंग फर्म पर सर्च ऑपरेशन किया गया। जांच के दौरान मिले डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल डेटा के आधार पर एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी यूज़र्स को बताए बिना अपने ऐप पर बॉट्स/AI/एल्गोरिदम के ज़रिए गेम चला रही थी। इसका मतलब है कि यूज़र्स को लगता था कि वे असली प्लेयर्स के साथ असली पैसे वाले गेम खेल रहे हैं, जबकि कई मामलों में, असली गेम एक बॉट या सॉफ्टवेयर था। इसके अलावा, यूज़र्स के वॉलेट से पैसे निकालने को भी लिमिट या ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे उन्हें बार-बार गेम खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

कंपनी ने इस सिस्टम के ज़रिए गैर-कानूनी मुनाफ़ा कमाया।

ED का आरोप है कि कंपनी ने हर मैच पर कमीशन इकट्ठा करने और धीरे-धीरे यूज़र्स के डिपॉजिट को अपनी कमाई में बदलने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल किया। एजेंसी के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से 22 अगस्त, 2025 तक, कंपनी ने कथित तौर पर इस सिस्टम के ज़रिए लगभग ₹3522.05 करोड़ का गैर-कानूनी मुनाफ़ा कमाया। इस मामले में अब तक लगभग ₹689 करोड़ के एसेट्स फ्रीज किए जा चुके हैं।

ताज़ा कार्रवाई के बाद, कुल फ्रीज की गई रकम लगभग ₹1194 करोड़ तक पहुँच गई है। ED का यह भी कहना है कि कुछ फंड्स को ओवरसीज़ इन्वेस्टमेंट की आड़ में भारत से US और सिंगापुर ट्रांसफर किया गया, जबकि कंपनी के रोज़ाना के ऑपरेशन भारत से किए जाते थे।

23 जनवरी, 2026 को ED ने बेंगलुरु में PMLA स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। ​​अभी आगे की जांच चल रही है, और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

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