यूपी एआईएमआईएम अध्यक्ष शौकत अली ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे लगता है कि वह पहले मुसलमान थे। उन्हें सनातन धर्म का ज्ञान नहीं है।
यूपी एआईएमआईएम अध्यक्ष शौकत अली ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि वह भी पहले मुसलमान थे। उन्होंने चारों वेद भी नहीं पढ़े हैं। पहले उन्हें मुझे सनातन धर्म का अर्थ समझाना चाहिए।
एआईएमआईएम अध्यक्ष मुरादाबाद में एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहाँ उन्होंने बाबा बागेश्वर पर सीधा हमला बोला और उन्हें सनातन धर्म के चारों वेद पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, अगर मैं मुस्लिम राष्ट्र कहूँगा तो मुझ पर मुकदमा हो जाएगा।
धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना
शौकत अली ने कहा कि हमारे देश का कानून हमें ऐसा करने की इजाज़त देता है। हमें कोई न छेड़े और अगर कोई हमें छेड़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं, हम उसे संवैधानिक तरीके से जवाब देंगे। शौकत अली ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे लगता है कि वे नकली हिंदू हैं।
अगर इस दुनिया में पहला इंसान आया, तो उसका नाम आदम (अलैहिस्सलाम) था, यही हमारी मान्यता है। माँ हव्वा आईं, उनके बाद मानवता शुरू हुई। मेरा मानना है कि धीरेंद्र शास्त्री का अतीत यही है कि वे मुसलमान थे। उन्हें मुझे सनातन का अर्थ समझाना चाहिए। क्या सनातन का मतलब हिंदू है या हिंदू का मतलब सनातन, उन्हें मुझे यह बताना चाहिए।
हिंदू राष्ट्र की माँग पर उठे सवाल
शौकत अली ने धीरेंद्र शास्त्री से पूछा कि सनातनी कैसे कहें? सनातन धर्म वह है जो सीधे आसमान से उतरा हो। अगर धीरेंद्र शास्त्री को चारों वेदों का ज्ञान है, तो क्या उन वेदों में अल्लाह और मोहम्मद साहब का ज़िक्र है या नहीं? उन्हें यह बताना चाहिए।
गुरुकुल में पढ़ाए जाने वाले वेदों और बाहर उपलब्ध वेदों में अंतर होता है। पहले उनके बारे में जानकारी हासिल करें। धीरेंद्र शास्त्री वेदों को नहीं जानते। उन्हें एक बार ज़रूर पढ़ना चाहिए। सरकार ने उन्हें छोड़ दिया है और आज वे हिंदू राष्ट्र की माँग कर रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि वो हिंदू राष्ट्र कैसे बनाएंगे?
अगर मैं कहूँ कि मैं मुस्लिम राष्ट्र बनाऊँगा, तो आप मुझ पर मुकदमा कर देंगे, लेकिन ये लोग हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं। अगर कोई मुस्लिम राष्ट्र कहता है, तो ये देश के अंदर लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम होगा। ऐसे लोगों को जेल में डाल देना चाहिए।