आप नेता मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि पंजाब का 60,000 करोड़ रुपये का बकाया केंद्र सरकार को अग्रिम रूप से दे दिया जाए।
पंजाब में बाढ़ के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है। इस बीच, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने बाढ़ से पंजाब में बिगड़ते हालात को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हालात का जायजा लेने आ रहे हैं। इसके साथ ही, सिसोदिया ने केंद्र सरकार से पंजाब का बकाया 60,000 करोड़ रुपये चुकाने की भी मांग की।
पंजाब में बाढ़ की स्थिति पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "प्रधानमंत्री यहाँ आ रहे हैं, यह अच्छी बात है। उन्होंने मुख्यमंत्री से फ़ोन पर बात की, जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी बात की। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।"
पंजाब का 60,000 करोड़ रुपये बकाया देने की मांग
आप नेता ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री भी अब आ रहे हैं, मेरा अनुरोध होगा कि आप आकलन करें, आपके केंद्रीय मंत्री भी आकलन करके गए हैं, लेकिन अंततः कुछ कदम तो उठाने ही होंगे। पंजाब के लोगों को आज मदद की ज़रूरत है। उन्हें एक घोषणा करनी होगी, अभी पंजाब पर आधिकारिक तौर पर केंद्र सरकार का 60,000 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से 58,000 करोड़ रुपये जीएसटी, ग्रामीण विकास का पैसा है। ऐसे में केंद्र सरकार को पहले पंजाब के लोगों के हक़ का पैसा देना चाहिए।"
बाढ़ में बड़े पैमाने पर राहत की ज़रूरत - सिसोदिया
सिसोदिया ने यह भी कहा उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करूँगा कि आप 9 सितंबर को आ रहे हैं, पंजाब के हक का 60,000 करोड़ रुपया केंद्र सरकार को पहले ही दे देना चाहिए था। अगर वो पैसा आज होता तो काम और तेज़ गति से होता। मेरा आकलन है कि बाढ़ के लिए बड़े पैमाने पर राहत की ज़रूरत है। यह ऐतिहासिक रूप से ख़तरनाक बाढ़ है और इस पर नए सिरे से विचार करने की ज़रूरत है।"