कल्याण-डोंबिवली नगर निगम ने 15 अगस्त और छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका ने 15 अगस्त और 20 अगस्त को मांस की दुकानें बंद रखने की घोषणा की है।
स्वतंत्रता दिवस पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) ने यह आदेश जारी किया है, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। उद्धव ठाकरे गुट ने इस पर सवाल उठाए हैं। इस पर बुधवार (13 अगस्त) को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह फैसला 1988 से लागू है। हमने कोई नया फैसला नहीं लिया है। यह फैसला तब भी था जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, अब भी है। वहीं, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि खाने पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।
अगर मांस पर प्रतिबंध लगा तो मुश्किल होगी - अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, "यह उनका खान-पान है और उनके खान-पान पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। अगर 15 अगस्त और 26 जनवरी को मांस पर प्रतिबंध लगाया गया तो मुश्किल होगी।"
अनावश्यक विवाद पैदा किया गया - मुख्यमंत्री फडणवीस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लोगों के खान-पान के विकल्पों को नियंत्रित करने में रुचि नहीं रखती। 15 अगस्त को बूचड़खानों को बंद करने को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया है।
अजित पवार ने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध आमतौर पर आषाढ़ी एकादशी, महाशिवरात्रि, महावीर जयंती आदि अवसरों पर धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोग शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का खाना खाते हैं।
पवार ने मंगलवार (12 अगस्त) को कहा, "इस तरह का प्रतिबंध लगाना ग़लत है। बड़े शहरों में अलग-अलग जाति और धर्म के लोग रहते हैं। अगर यह भावनात्मक मुद्दा है, तो लोग एक दिन के लिए इसे (प्रतिबंध) स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन अगर आप महाराष्ट्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ऐसे आदेश जारी करते हैं, तो यह मुश्किल है।"
छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका ने भी लगाया प्रतिबंध
छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका ने त्योहारों के मद्देनज़र शहर की सीमा के भीतर दो दिनों यानी 15 और 20 अगस्त को बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने की घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि 15 अगस्त को गोकुल अष्टमी और 20 अगस्त को जैन समुदाय के प्रमुख त्योहार 'पर्यूषण पर्व' के अवसर पर बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। महानगर पालिका ने आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।