वोटर लिस्ट को लेकर मचे बवाल में अब सोनिया गांधी का नाम भी जुड़ गया है। भाजपा का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले ही अवैध रूप से वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम 45 साल पहले, भले ही थोड़े समय के लिए ही सही, वोटर लिस्ट में अवैध रूप से जोड़ दिया गया था, जब उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिली थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि सोनिया गांधी, जिनका जन्म 1946 में इटली में सोनिया माइनो के रूप में हुआ था, 1980 से 1982 तक वोटर लिस्ट में शामिल थीं। यह उनके भारतीय नागरिकता मिलने से एक साल पहले की बात है।
अमित मालवीय का आरोप
भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट किया है। अमित मालवीय ने 1980 की वोटर लिस्ट के एक अंश की फोटोकॉपी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता के रूप में था, जबकि उन्होंने तब तक भारतीय नागरिकता हासिल नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह प्रविष्टि उस कानून का स्पष्ट उल्लंघन है जिसके तहत मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए किसी व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
हंगामे के बाद नाम हटाया गया
मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी की शादी 1968 में राजीव गांधी से हुई थी और उनका नाम तब जोड़ा गया था जब गांधी परिवार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक आवास में रहता था। उन्होंने कहा कि 1980 के लोकसभा चुनावों से पहले नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनका नाम जोड़ा गया था। 1982 में हंगामे के बाद उनका नाम सूची से हटा दिया गया था।
मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के बाद उन्हें फिर से सूची में शामिल करना भी धोखाधड़ी थी। उन्होंने दावा किया कि कट-ऑफ तिथि 1 जनवरी थी, लेकिन सोनिया गांधी को अप्रैल में नागरिकता मिल गई। इस बीच, अनुराग ठाकुर ने पिछले साल महाराष्ट्र और कर्नाटक में मतदाता धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस सांसद पर झूठ बोलने और गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया।